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Jun 26, 2011

दोस्ती और रिश्तों के चेहरे-हिन्दी कविता (dosti aur riston ki chehare-hindi kavita

जिंदगी में दोस्ती और रिश्तों के चेहरे बदल जाते हैं,
कुदरत के खेल देखिये, नतीजे सभी में वही आते हैं।
कमीज पर क्या, कफन में भी कमीशन की चाहत है,
दवाई लेने के इंतजार मे खड़े, कब हम बीमारी पाते हैं।
हमारी खुशियों ने हमेशा जमाने को बहुत सताया है,
गम आया कि नहीं, यही जानने लोग घर पर आते हैं।
कहें दीपक बापू, भरोसा और वफा बिकती बाज़ार में
इंसानों में जिंदा रहे जज़्बा, यही सोच हम निभाये जाते हैं।
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कवि, लेखक और संपादक-दीपक "भारतदीप",ग्वालियर 
poet, writer and editor-Deepak "BharatDeep",Gwalior
http://rajlekh-patrika.blogspot.com

यह पाठ मूल रूप से इस ब्लाग‘शब्दलेख सारथी’ पर लिखा गया है।