Dec 14, 2015

अहसास-हिन्दी कविता(Ahasas-Hindi Kavita)

नहीं जानते हम
धरती की आकाश से
कितनी दूरी है।

 सतत संघर्ष में चिंता यह
जीवंत आशा से
कितनी दूरी है।

कहें दीपकबापू ऊंचाई से
निहारते हुए
नीचे से ऊपर ताकते हुए
दृश्यों के बीच अहसास
जितनी दूरी है।
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कवि एवं लेखक-दीपक राज कुकरेजा 'भारतदीप'

ग्वालियर, मध्य प्रदेश

कवि, लेखक और संपादक-दीपक "भारतदीप",ग्वालियर 
poet, writer and editor-Deepak "BharatDeep",Gwalior
http://rajlekh-patrika.blogspot.com
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