Jul 28, 2015

जिंदगी का दर्शन-हिन्दी कविता(zindagi ka darshan-hindi poem)


यह जरूरी है
जिंदगी के लिये
बेहतरीन सपने चुने।

जिंदगी हसीन हो जाती है
अपने हाथों से
अच्छी नीयत के धाग से बुने।

कहें दीपक बापू मुश्किल यह है
सिखाने के लिये कलाम चाहिये,
वरना तो यहां खड़ा
हर कोई सीना तानकर
ज़माने का सलाम चाहिये,
कोई विरला ही मिलता है
मौन रहकर किसी की सुने।
----------------------
कवि एवं लेखक-दीपक राज कुकरेजा 'भारतदीप'

ग्वालियर, मध्य प्रदेश

कवि, लेखक और संपादक-दीपक "भारतदीप",ग्वालियर 
poet, writer and editor-Deepak "BharatDeep",Gwalior
http://rajlekh-patrika.blogspot.com
Post a Comment

मन के खेल पर भारी धन का चक्कर-दीपकबापूवाणी (man ke khet par dhan ka Chakkar-DeepakBapuwani)

मन के खेल पर भारी धन का चक्कर, वैभव रथ पर सवार देव से लेता टक्कर। ‘दीपकबापू’ आदर्श की बातें करते जरूर, रात के शैतान दिन में बनते फक्कड़।।...